Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.161.d14: श्राद्ध में तीन चीज़ें पवित्र मानी जाती हैं- पौत्र, कुतपकाल (दिन के पंद्रह भागों का आठवाँ भाग) और तिल। इस कर्म में तीन गुणों की स्तुति की जाती है: पवित्रता, क्रोध का अभाव और एतवार (जल्दबाज़ी न करना)। | mahabharat अध्याय 13.161: श्राद्धविधान आदिका वर्णन, दानकी त्रिविधतासे उसके फलकी भी त्रिविधताका उल्लेख, दानके पाँच फल, नाना प्रकारके धर्म और उनके फलोंका प्रतिपादन] । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्राद्ध में तीन चीज़ें पवित्र मानी जाती हैं- पौत्र, कुतपकाल (दिन के पंद्रह भागों का आठवाँ भाग) और तिल। इस कर्म में तीन गुणों की स्तुति की जाती है: पवित्रता, क्रोध का अभाव और एतवार (जल्दबाज़ी न करना)।
Three things are sacred in Shraddha- grandson, Kutapakaala (one eighth of the fifteen parts of the day) and sesame seeds. Three qualities are praised in this work. Purity, absence of anger and atvara (not being in a hurry).
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥