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उमोवाच
पितृमेध: कथं देव तन्मे शंसितुमर्हसि।
सर्वेषां पितर: पूज्या: सर्वसम्पत्प्रदायिन:॥
अनुवाद
उन्होंने पूछा - हे प्रभु! पितृमेध (श्राद्ध) कैसे किया जाता है? कृपया मुझे यह बताइए। जो पितर समस्त धन-संपत्ति के दाता हैं, वे सभी के लिए पूजनीय हैं।
He asked - O Lord! How is Pitrimedha (Shraddha) performed? Please tell me this. The ancestors who are the giver of all the wealth are worshipable for everyone.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥