Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.156.d58-d61: प्रिय! उस शरीर में वे अनेक भयंकर रोगों से ग्रस्त रहते हैं। किसी को उल्टी होती है, किसी को खांसी होती है। कई अन्य लोग बुखार, पेचिश और प्यास से पीड़ित रहते हैं। कुछ लोग पैरों में अनेक प्रकार के ट्यूमर से परेशान रहते हैं। कुछ लोग कफ दोष से ग्रस्त रहते हैं। कई लोग पैरों के अनेक प्रकार के रोग, अल्सर, कुष्ठ रोग और भगंदर से ग्रस्त रहते हैं। चाहे वे अमीर हों या गरीब, सभी लोग बीमारियों से ग्रस्त दिखाई देते हैं। | mahabharat अध्याय 13.156: अन्धत्व और पंगुत्व आदि नाना प्रकारके दोषों और रोगोंके कारणभूत दुष्कर्मोंका वर्णन] । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रिय! उस शरीर में वे अनेक भयंकर रोगों से ग्रस्त रहते हैं। किसी को उल्टी होती है, किसी को खांसी होती है। कई अन्य लोग बुखार, पेचिश और प्यास से पीड़ित रहते हैं। कुछ लोग पैरों में अनेक प्रकार के ट्यूमर से परेशान रहते हैं। कुछ लोग कफ दोष से ग्रस्त रहते हैं। कई लोग पैरों के अनेक प्रकार के रोग, अल्सर, कुष्ठ रोग और भगंदर से ग्रस्त रहते हैं। चाहे वे अमीर हों या गरीब, सभी लोग बीमारियों से ग्रस्त दिखाई देते हैं।
Dear! In that body they are tormented by many dreadful diseases. Some vomit, some suffer from cough. Many others are afflicted with fever, dysentery and thirst. Some are troubled by many types of foot tumours. Some people are afflicted with Kapha dosha. Many are afflicted with many types of foot diseases, ulcers, leprosy and fistula. Whether they are rich or poor, all people appear to be afflicted with diseases.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥