Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.151.d58-d59: जब कोई प्रबल शत्रु आक्रमण करे, तो राजा को उस विपत्ति से बचने का उपाय करना चाहिए। प्रजा के हित के लिए, उसे सभी विरोधियों को समझा-बुझाकर अपने अनुकूल बनाना चाहिए। देवि! यही राजा का कर्तव्य संक्षेप में बताया गया है। | mahabharat अध्याय 13.151: राजधर्मका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब कोई प्रबल शत्रु आक्रमण करे, तो राजा को उस विपत्ति से बचने का उपाय करना चाहिए। प्रजा के हित के लिए, उसे सभी विरोधियों को समझा-बुझाकर अपने अनुकूल बनाना चाहिए। देवि! यही राजा का कर्तव्य संक्षेप में बताया गया है।
When a powerful enemy attacks, the king should take measures to avoid that calamity. For the benefit of the people, he should make all the opponents favorable by persuasion. Devi! This is the king's duty explained in brief.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥