Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.15.61: वहाँ घोर तपस्या में लीन महात्माओं के प्रभाव और सान्निध्य से प्रभावित होकर नेवले सर्पों के साथ क्रीड़ा करते थे और बाघ हिरणों के साथ मित्रवत व्यवहार करते थे। | mahabharat अध्याय 13.15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वहाँ घोर तपस्या में लीन महात्माओं के प्रभाव और सान्निध्य से प्रभावित होकर नेवले सर्पों के साथ क्रीड़ा करते थे और बाघ हिरणों के साथ मित्रवत व्यवहार करते थे।
There, influenced by the influence and proximity of the great souls who were engaged in intense penance, mongooses used to play with snakes and tigers used to live like friends with deer.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥