Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.15.407: श्रीकृष्ण कहते हैं - हे सनातन परमेश्वर, जो सबके कारण हैं! आपको नमस्कार है। ऋषिगण आपको ब्रह्माजी का भी स्वामी कहते हैं। संतजन आपको तपस्वी, सत्त्वगुण, रजोगुण, तमोगुण और सत्यस्वरूप कहते हैं। 407. | mahabharat अध्याय 13.15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्रीकृष्ण उवाच
नमोऽस्तु ते शाश्वत सर्वयोने
ब्रह्माधिपं त्वामृषयो वदन्ति।
तपश्च सत्त्वं च रजस्तमश्च
त्वामेव सत्यं च वदन्ति सन्त:॥ ४०७॥
अनुवाद
श्रीकृष्ण कहते हैं - हे सनातन परमेश्वर, जो सबके कारण हैं! आपको नमस्कार है। ऋषिगण आपको ब्रह्माजी का भी स्वामी कहते हैं। संतजन आपको तपस्वी, सत्त्वगुण, रजोगुण, तमोगुण और सत्यस्वरूप कहते हैं। 407.
Sri Krishna says - Eternal God who is the cause of everything! Salutations to you. Rishis call you the lord of Brahmaji also. Saints call you as Tapasya, Sattvaguna, Rajoguna, Tamoguna and Satyaswarupa. 407.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥