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mahabharat 13.15.373: हे यदु! तुम्हें और तुम्हारी पत्नी को महादेव से सोलह आठ वर प्राप्त होंगे। मैं तुमसे सत्य कह रहा हूँ।   |   mahabharat अध्याय 13.15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान‍् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान‍् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन  »  श्लोक 373
 
 
श्लोक  13.15.373 
षोडशाष्टौ वरांश्चापि प्राप्स्यसि त्वं महेश्वरात्।
सपत्नीकाद् यदुश्रेष्ठ सत्यमेतद् ब्रवीमि ते॥ ३७३॥
 
 
अनुवाद
हे यदु! तुम्हें और तुम्हारी पत्नी को महादेव से सोलह आठ वर प्राप्त होंगे। मैं तुमसे सत्य कह रहा हूँ।
 
O great Yadu! You and your wife will receive sixteen and eight boons from Mahadeva. I am telling you the truth.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)