Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.15.314: हे दैत्यों की तीन पुरियों का नाश करने वाले और दक्ष यज्ञ का विध्वंस करने वाले, आपको नमस्कार है। हे काम के शरीर का नाश करने वाले और मृत्युदंड को भोगने वाले, आपको नमस्कार है। ॥314॥ | mahabharat अध्याय 13.15: भीष्मजीकी आज्ञासे भगवान् श्रीकृष्णका युधिष्ठिरसे महादेवजीके माहात्म्यकी कथामें उपमन्युद्वारा महादेवजीकी स्तुति-प्रार्थना, उनके दर्शन और वरदान पानेका तथा अपनेको दर्शन प्राप्त होनेका कथन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे दैत्यों की तीन पुरियों का नाश करने वाले और दक्ष यज्ञ का विध्वंस करने वाले, आपको नमस्कार है। हे काम के शरीर का नाश करने वाले और मृत्युदंड को भोगने वाले, आपको नमस्कार है। ॥314॥
Salutations to you, the destroyer of the three cities of the demons and the destroyer of the Daksh Yajna. Salutations to you, the destroyer of the body of Kaam and the bearer of the punishment of death. ॥ 314॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥