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कुमार स्कंद देवी पार्वती के पास मोरपंख पर सवार होकर, हाथों में भाला और घंटा लिए खड़े थे। वे अग्नि के समान चमक रहे थे।
Kumar Skanda was standing beside Goddess Parvati riding on a peacock feather, holding a spear and a bell in his hands. He was glowing like another fire. 278.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥