Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.149.53: जिसका मन हिंसा में प्रवृत्त है, वह नरक में पड़ता है और जो किसी के प्रति हिंसा नहीं करता, वह स्वर्ग में जाता है। नरक में प्राणी को बहुत ही कष्टदायक और भयंकर यातनाएँ सहनी पड़ती हैं ॥ 53॥ | mahabharat अध्याय 13.149: बन्धन-मुक्ति, स्वर्ग, नरक एवं दीर्घायु और अल्पायु प्रदान करनेवाले शरीर, वाणी और मनद्वारा किये जानेवाले शुभाशुभ कर्मोंका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिसका मन हिंसा में प्रवृत्त है, वह नरक में पड़ता है और जो किसी के प्रति हिंसा नहीं करता, वह स्वर्ग में जाता है। नरक में प्राणी को बहुत ही कष्टदायक और भयंकर यातनाएँ सहनी पड़ती हैं ॥ 53॥
One whose mind is inclined towards violence falls into hell and one who does not commit violence against anyone goes to heaven. A being in hell has to undergo very painful and dreadful torture. ॥ 53॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥