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mahabharat 13.149.24: जो लोग दूसरों को कठोर शब्द बोलना और उनके साथ विश्वासघात करना छोड़ देते हैं, जो सभी प्राणियों के साथ समान व्यवहार करते हैं और अपनी इंद्रियों को वश में रखते हैं, वे स्वर्ग जाते हैं।   |   mahabharat अध्याय 13.149: बन्धन-मुक्ति, स्वर्ग, नरक एवं दीर्घायु और अल्पायु प्रदान करनेवाले शरीर, वाणी और मनद्वारा किये जानेवाले शुभाशुभ कर्मोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 149: बन्धन-मुक्ति, स्वर्ग, नरक एवं दीर्घायु और अल्पायु प्रदान करनेवाले शरीर, वाणी और मनद्वारा किये जानेवाले शुभाशुभ कर्मोंका वर्णन  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  13.149.24 
ये वर्जयन्ति परुषं परद्रोहं च मानवा:।
सर्वभूतसमा दान्तास्ते नरा: स्वर्गगामिन:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
जो लोग दूसरों को कठोर शब्द बोलना और उनके साथ विश्वासघात करना छोड़ देते हैं, जो सभी प्राणियों के साथ समान व्यवहार करते हैं और अपनी इंद्रियों को वश में रखते हैं, वे स्वर्ग जाते हैं।
 
Those people who stop speaking harsh words to others and betraying them, who treat all creatures equally and control their senses, go to heaven.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)