Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.147.d15: उनमें धैर्य और क्षमा की भावना होती है। एक पखवाड़ा उपवास और एक महीना सत्य परायण रहने से वे बहुत दुर्बल हो जाते हैं। उनका ध्यान सदैव धर्म पर रहता है। | mahabharat अध्याय 13.147: उमा-महेश्वर-संवाद, वानप्रस्थ-धर्म तथा उसके पालनकी विधि और महिमा । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उनमें धैर्य और क्षमा की भावना होती है। एक पखवाड़ा उपवास और एक महीना सत्य परायण रहने से वे बहुत दुर्बल हो जाते हैं। उनका ध्यान सदैव धर्म पर रहता है।
They have the feeling of patience and forgiveness. They become very weak by fasting for one fortnight and one month by being devoted to truth. Their focus is always on Dharma.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥