Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.147.43: जो ग्रीष्म ऋतु में शास्त्रानुसार पंचाग्नि का सेवन करता है, वह बारह वर्षों तक उक्त व्रत करके अगले जन्म में पृथ्वी का राजा होता है ॥43॥ | mahabharat अध्याय 13.147: उमा-महेश्वर-संवाद, वानप्रस्थ-धर्म तथा उसके पालनकी विधि और महिमा । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अग्नियोगवहो ग्रीष्मे विधिदृष्टेन कर्मणा।
चीर्त्वा द्वादशवर्षाणि राजा भवति पार्थिव:॥ ४३॥
अनुवाद
जो ग्रीष्म ऋतु में शास्त्रानुसार पंचाग्नि का सेवन करता है, वह बारह वर्षों तक उक्त व्रत करके अगले जन्म में पृथ्वी का राजा होता है ॥43॥
One who consumes Panchagni in summer according to the scriptures, after observing the said fast for twelve years, becomes the king of the earth in the next birth. 43॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥