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mahabharat 13.147.35: हे प्रभु! जो लोग राजा या राजकुमार हैं, जो लोग दरिद्र या बहुत धनवान हैं, वे किस कर्म के प्रभाव से महान फल प्राप्त करते हैं? 35॥   |   mahabharat अध्याय 13.147: उमा-महेश्वर-संवाद, वानप्रस्थ-धर्म तथा उसके पालनकी विधि और महिमा   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 147: उमा-महेश्वर-संवाद, वानप्रस्थ-धर्म तथा उसके पालनकी विधि और महिमा  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  13.147.35 
राजानो राजपुत्राश्च निर्धना ये महाधना:।
कर्मणा केन भगवन् प्राप्नुवन्ति महाफलम्॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
हे प्रभु! जो लोग राजा या राजकुमार हैं, जो लोग दरिद्र या बहुत धनवान हैं, वे किस कर्म के प्रभाव से महान फल प्राप्त करते हैं? 35॥
 
Lord! Those who are kings or princes or those who are poor or very rich, due to the influence of which karma do they get great results? 35॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)