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श्लोक  13.147.20 
उमोवाच
भगवन् सर्वभूतेश सर्वभूतनमस्कृत।
यो धर्मो मुनिसंघस्य सिद्धिवादेषु तं वद॥ २०॥
 
 
अनुवाद
उमादेवी बोलीं - प्रभु! सब वस्तुओं के स्वामी! समस्त प्राणियों द्वारा पूजित महेश्वर! ऋषि समुदाय ने गोष्ठियों में जिस धर्म का निश्चय किया है, उसे कहिए।
 
Umadevi said – Lord! Lord of all things! Maheshwar, worshiped by all living beings! Tell the religion which has been decided by the sage community in the seminars.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)