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श्लोक  13.146.28 
उमोवाच
भगवन् संशय: पृष्ठस्तन्मे शंसितुमर्हसि।
चातुर्वर्ण्यस्य यो धर्म: स्वे स्वे वर्णे गुणावह:॥ २८॥
 
 
अनुवाद
उसने पूछा - हे प्रभु! मुझे एक और संदेह है; कृपया मुझे चारों वर्णों का वह धर्म बताइए जो उनके लिए हितकर हो।
 
She asked - O Lord! I have one more doubt; please tell me the Dharma of the four Varnas which is beneficial for their respective Varnas.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)