Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.146.25: श्री महेश्वर बोले - देवी! किसी भी प्राणी को कष्ट न देना, सत्य बोलना, सभी प्राणियों पर दया करना, मन और इन्द्रियों को वश में रखना तथा अपनी शक्ति के अनुसार दान देना ही गृहस्थ का उत्तम धर्म है। | mahabharat अध्याय 13.146: शिव-पार्वतीका धर्मविषयक संवाद—वर्णाश्रमधर्मसम्बन्धी आचार एवं प्रवृत्ति-निवृत्तिरूप धर्मका निरूपण । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्री महेश्वर बोले - देवी! किसी भी प्राणी को कष्ट न देना, सत्य बोलना, सभी प्राणियों पर दया करना, मन और इन्द्रियों को वश में रखना तथा अपनी शक्ति के अनुसार दान देना ही गृहस्थ का उत्तम धर्म है।
Shri Maheshwar said - Devi! Not harming any living being, speaking the truth, being kind to all creatures, controlling the mind and senses and giving charity according to one's capacity is the best religion of the householder. 25.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥