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श्लोक  13.146.12 
ततोऽहं लोकगुरुणा शमं नीतोऽर्थवेदिना।
वृषं चैनं ध्वजार्थं मे ददौ वाहनमेव च॥ १२॥
 
 
अनुवाद
अब जगत् के स्वामी और अर्थशास्त्र के विशेषज्ञ ब्रह्मा ने मुझे शांत किया और ध्वज-चिह्न तथा वाहन के रूप में यह वृषभ मुझे प्रदान किया ॥12॥
 
Now Brahma, the master of the world and expert in economics, pacified me and gave me this bull as a flag-symbol and a vehicle. ॥12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)