Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.145.5: कुछ भूतों के चेहरे शेर, बाघ और हाथी जैसे थे। इनमें सभी प्रजाति के जानवर शामिल थे। कई भूतों के चेहरे गीदड़, चीते, भालू और बैल जैसे थे। | mahabharat अध्याय 13.145: नारदजीके द्वारा हिमालय पर्वतपर भूतगणोंके सहित शिवजीकी शोभाका विस्तृत वर्णन, पार्वतीका आगमन, शिवजीकी दोनों आँखोंको अपने हाथोंसे बंद करना और तीसरे नेत्रका प्रकट होना, हिमालयका भस्म होना और पुन: प्राकृत अवस्थामें हो जाना तथा शिव-पार्वतीके धर्मविषयक संवादकी उत्थापना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुछ भूतों के चेहरे शेर, बाघ और हाथी जैसे थे। इनमें सभी प्रजाति के जानवर शामिल थे। कई भूतों के चेहरे गीदड़, चीते, भालू और बैल जैसे थे।
Some ghosts had the appearance of lions, tigers and elephants. They included animals of all species. Many ghosts had faces like jackals, leopards, bears and bulls.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥