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mahabharat 13.144.3: हे महात्मन! हमारे बन्धुओं और सम्बन्धियों को यह दुर्लभ अवसर प्राप्त हुआ है। आपके अतिरिक्त और कोई ऐसा नहीं है जो हमें समस्त धर्मों का उपदेश दे सके।॥3॥   |   mahabharat अध्याय 13.144: तपस्वी श्रीकृष्णके पास ऋषियोंका आना, उनका प्रभाव देखना और उनसे वार्तालाप करना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.144.3 
अयं च काल: सम्प्राप्तो दुर्लभो ज्ञातिबान्धवै:।
शास्ता च न हि न: कश्चित् त्वामृते पुरुषर्षभ॥ ३॥
 
 
अनुवाद
हे महात्मन! हमारे बन्धुओं और सम्बन्धियों को यह दुर्लभ अवसर प्राप्त हुआ है। आपके अतिरिक्त और कोई ऐसा नहीं है जो हमें समस्त धर्मों का उपदेश दे सके।॥3॥
 
O great man! Our friends and relatives have got this rare opportunity. There is no one else except you who can preach all the religions to us. ॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)