vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 13: अनुशासन पर्व
»
अध्याय 144: तपस्वी श्रीकृष्णके पास ऋषियोंका आना, उनका प्रभाव देखना और उनसे वार्तालाप करना
»
श्लोक 29
श्लोक
13.144.29
ततो विगतसंत्रासा वयमप्यरिकर्शन।
यच्छ्रुतं यच्च दृष्टं नस्तत् प्रवक्ष्यामहे हरे॥ २९॥
अनुवाद
हे शत्रुसूदन हरे! यह सुनकर हम भी निर्भय हो जायेंगे और जो कुछ हमने देखा या सुना है, वह सब तुम्हें सुनाएँगे॥ 29॥
O Shatrusudan Hare! On hearing this we too will become fearless and we will narrate to you whatever astonishing thing we have seen or heard.॥ 29॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×