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तथैव स गिरिर्भूय: प्रपुष्पितलताद्रुम:।
सपक्षिगणसंघुष्ट: सश्वापदसरीसृप:॥ २१॥
अनुवाद
वह पर्वत फिर पहले की तरह लताओं और वृक्षों से सुन्दर हो गया। पक्षी वहाँ चहचहाने लगे। जंगली जानवर और साँप आदि वहाँ जीवित हो उठे।
That mountain again became beautiful with blooming creepers and trees like before. Birds started chirping there. Wild animals and snakes etc. came alive there.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥