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mahabharat 13.142.17: पुण्यात्माओं में श्रेष्ठ पांचाल देश के राजा ब्रह्मदत्त ने एक ब्राह्मण को शंख नामक निधि देकर परम मोक्ष प्राप्त किया।   |   mahabharat अध्याय 13.142: दानसे स्वर्गलोकमें जानेवाले राजाओंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 142: दानसे स्वर्गलोकमें जानेवाले राजाओंका वर्णन  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  13.142.17 
ब्रह्मदत्तश्च पाञ्चाल्यो राजा धर्मभृतां वर:।
निधिं शङ्खमनुज्ञाप्य जगाम परमां गतिम्॥ १७॥
 
 
अनुवाद
पुण्यात्माओं में श्रेष्ठ पांचाल देश के राजा ब्रह्मदत्त ने एक ब्राह्मण को शंख नामक निधि देकर परम मोक्ष प्राप्त किया।
 
Brahmadatta, the king of Panchal, the best of the virtuous, attained the ultimate salvation by giving the treasure called Shankha to a Brahmin.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)