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mahabharat 13.140.14: वैद्य का भोजन मल के समान है। व्यभिचारिणी स्त्री या वेश्या का भोजन मूत्र के समान है। कारीगर का भोजन रक्त के समान है ॥14॥   |   mahabharat अध्याय 13.140: जिनका अन्न ग्रहण करने योग्य है और जिनका ग्रहण करने योग्य नहीं है, उन मनुष्योंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.140.14 
भुङ्‍‍क्ते चिकित्सकस्यान्नं तदन्नं च पुरीषवत्।
पुंश्चल्यन्नं च मूत्रं स्यात् कारुकान्नं च शोणितम्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
वैद्य का भोजन मल के समान है। व्यभिचारिणी स्त्री या वेश्या का भोजन मूत्र के समान है। कारीगर का भोजन रक्त के समान है ॥14॥
 
The food of a physician is like feces. The food of an adulterous woman or a prostitute is like urine. The food of a craftsman is like blood. ॥14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)