Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.14.d8: हे समस्त लोकों के आदि कारण! हे सर्वमन! हे अमित पराक्रमी नारायण! हे सम्पूर्ण भूत और भविष्य के स्वामी! हे सर्वभूतमहेश्वर! आपको नमस्कार है।   |   mahabharat अध्याय 13.14: ब्रह्माजीका देवताओंसे गरुड-कश्यप-संवादका प्रसंग सुनाना, गरुडजीका ऋषियोंके समाजमें नारायणकी महिमाके सम्बन्धमें अपना अनुभव सुनाना तथा इस प्रसंगके पाठ और श्रवणकी महिमा   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 14: ब्रह्माजीका देवताओंसे गरुड-कश्यप-संवादका प्रसंग सुनाना, गरुडजीका ऋषियोंके समाजमें नारायणकी महिमाके सम्बन्धमें अपना अनुभव सुनाना तथा इस प्रसंगके पाठ और श्रवणकी महिमा  »  श्लोक d8
 
 
श्लोक  13.14.d8 
नमस्ते सर्वलोकादे सर्वात्मामितविक्रम।
सर्वभूतभविष्येश सर्वभूतमहेश्वर॥
 
 
अनुवाद
हे समस्त लोकों के आदि कारण! हे सर्वमन! हे अमित पराक्रमी नारायण! हे सम्पूर्ण भूत और भविष्य के स्वामी! हे सर्वभूतमहेश्वर! आपको नमस्कार है।
 
The original cause of all the worlds! Sarvaman! Amit mighty Narayan! Lord of the entire past and future! Sarvabhutamaheshwar! Greetings to you.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)