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mahabharat 13.14.d28: ऋषियों ने वेगवानों में श्रेष्ठ, महाबली, पराक्रमी और तेजस्वी गरुड़ का स्वागत किया। उनसे पूजित होकर वे पृथ्वी पर बैठ गए।   |   mahabharat अध्याय 13.14: ब्रह्माजीका देवताओंसे गरुड-कश्यप-संवादका प्रसंग सुनाना, गरुडजीका ऋषियोंके समाजमें नारायणकी महिमाके सम्बन्धमें अपना अनुभव सुनाना तथा इस प्रसंगके पाठ और श्रवणकी महिमा   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.14.d28 
अभ्यर्चित: स ऋषिभि: स्वागतेन महाबल:।
उपाविशत तेजस्वी भूमौ वेगवतां वर:॥
 
 
अनुवाद
ऋषियों ने वेगवानों में श्रेष्ठ, महाबली, पराक्रमी और तेजस्वी गरुड़ का स्वागत किया। उनसे पूजित होकर वे पृथ्वी पर बैठ गए।
 
The sages welcomed Garuda, the best of the swift ones, the great, powerful and brilliant. After being worshiped by him, he sat on the earth.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)