Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.14.d23: ब्रह्माजी बोले - देवताओं! ये भगवान सम्पूर्ण ब्रह्माण्डों के अधिपति हैं। संसार का कोई भी प्राणी इन्हें यथार्थ रूप से नहीं जानता। पुण्यात्माओं में श्रेष्ठ उन अविकारी भगवान की महिमा का पूर्णतः वर्णन कोई नहीं कर सकता। | mahabharat अध्याय 13.14: ब्रह्माजीका देवताओंसे गरुड-कश्यप-संवादका प्रसंग सुनाना, गरुडजीका ऋषियोंके समाजमें नारायणकी महिमाके सम्बन्धमें अपना अनुभव सुनाना तथा इस प्रसंगके पाठ और श्रवणकी महिमा । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्रह्माजी बोले - देवताओं! ये भगवान सम्पूर्ण ब्रह्माण्डों के अधिपति हैं। संसार का कोई भी प्राणी इन्हें यथार्थ रूप से नहीं जानता। पुण्यात्माओं में श्रेष्ठ उन अविकारी भगवान की महिमा का पूर्णतः वर्णन कोई नहीं कर सकता।
Brahmaji said – Gods! This God is the Supreme Lord of all the universes. No creature in the world knows them in reality. No one can fully describe the glory of the Godless God, who is the best among the virtuous.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥