Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.14.d119-d120: तब उस मंगलमय भगवान से मिलकर मुझे बड़ी प्रसन्नता हुई। फिर मैंने देखा कि अष्टभुजाधारी सनातन देव पुनः नर-नारायण के आश्रम की ओर आ रहे हैं। | mahabharat अध्याय 13.14: ब्रह्माजीका देवताओंसे गरुड-कश्यप-संवादका प्रसंग सुनाना, गरुडजीका ऋषियोंके समाजमें नारायणकी महिमाके सम्बन्धमें अपना अनुभव सुनाना तथा इस प्रसंगके पाठ और श्रवणकी महिमा । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब उस मंगलमय भगवान से मिलकर मुझे बड़ी प्रसन्नता हुई। फिर मैंने देखा कि अष्टभुजाधारी सनातन देव पुनः नर-नारायण के आश्रम की ओर आ रहे हैं।
Then I felt very happy after meeting that auspicious God. Then I saw that the eight-armed Sanatan Dev is again coming towards the ashram of Nar-Narayana.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥