Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.14.d105: जो मुकुटधारी, सुन्दर केशों से सुशोभित हैं, महाबली वासुदेवनन्दन श्रीकृष्ण हैं, जिनका स्वरूप बृहदुक्त साम है, जो सुन्दर सेना से सुसज्जित हैं, जो जूए का भार सँभालने वाले बैल के रूप में हैं और जिनके पास दुन्दुभि नामक विशेष यंत्र है, उन भगवान को नमस्कार है। | mahabharat अध्याय 13.14: ब्रह्माजीका देवताओंसे गरुड-कश्यप-संवादका प्रसंग सुनाना, गरुडजीका ऋषियोंके समाजमें नारायणकी महिमाके सम्बन्धमें अपना अनुभव सुनाना तथा इस प्रसंगके पाठ और श्रवणकी महिमा । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो मुकुटधारी, सुन्दर केशों से सुशोभित हैं, महाबली वासुदेवनन्दन श्रीकृष्ण हैं, जिनका स्वरूप बृहदुक्त साम है, जो सुन्दर सेना से सुसज्जित हैं, जो जूए का भार सँभालने वाले बैल के रूप में हैं और जिनके पास दुन्दुभि नामक विशेष यंत्र है, उन भगवान को नमस्कार है।
Salutations to the Lord who is crowned, adorned with beautiful hair and is the mighty Vasudevanandan Shri Krishna, whose form is Brihaduktha Sama, who is equipped with a beautiful army, who is in the form of a bull who can handle the burden of the yoke and who has a special instrument called Dundubhi.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥