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mahabharat 13.139.2-3h: वह अपने समस्त पापों को धोकर परलोक में सर्वोच्च पद प्राप्त करता है। फिर जब वह मनुष्य योनि में जन्म लेता है, तो वह एक वीर योद्धा बनता है।   |   mahabharat अध्याय 13.139: स्कन्ददेवका धर्मसम्बन्धी रहस्य तथा भगवान‍् विष्णु और भीष्मजीके द्वारा माहात्म्यका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.139.2-3h 
शोधयेदशुभं सर्वमाधिपत्यं परत्र च॥ २॥
यावच्च जायते मर्त्यस्तावच्छूरो भविष्यति।
 
 
अनुवाद
वह अपने समस्त पापों को धोकर परलोक में सर्वोच्च पद प्राप्त करता है। फिर जब वह मनुष्य योनि में जन्म लेता है, तो वह एक वीर योद्धा बनता है।
 
He washes away all his sins and attains supremacy in the next world. Then when he is born as a human being, he becomes a valiant warrior. 2 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)