श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 135: अरुन्धती, धर्मराज और चित्रगुप्तद्वारा धर्मसम्बन्धी रहस्यका वर्णन  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  13.135.39 
प्रेतलोकगता ह्येते नरके पापकर्मिण:।
पच्यन्ते वै यथा मीना: पूयशोणितभोजना:॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
ये पापी मनुष्य प्रेतलोक में जाकर नरक की अग्नि में मछली की तरह पकाए जाते हैं और मवाद तथा रक्त खाते हैं ॥39॥
 
These sinful human beings go to the Pretalok and are cooked like fish in the fire of hell and eat pus and blood. ॥ 39॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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