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श्लोक  13.135.27 
तमोऽन्धकारं नियतं दीपदो न प्रपश्यति।
प्रभां चास्य प्रयच्छन्ति सोमभास्करपावका:॥ २७॥
 
 
अनुवाद
जो व्यक्ति दीपक दान करता है, उसे नरक का अंधकार नहीं दिखता। चन्द्रमा, सूर्य और अग्नि उसे प्रकाश देते रहते हैं। 27.
 
A person who gives away lamps does not see the darkness of hell. The moon, sun and fire keep giving him light. 27.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)