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mahabharat 13.135.25: वहाँ पुण्योदका नाम की एक प्रसिद्ध नदी है, जो यमलोकवासियों के लिए है। वह अमृत के समान मधुर, शीतल और अक्षय जल से भरी हुई है।   |   mahabharat अध्याय 13.135: अरुन्धती, धर्मराज और चित्रगुप्तद्वारा धर्मसम्बन्धी रहस्यका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.135.25 
तत्र पुण्योदका नाम नदी तेषां विधीयते।
अक्षयं सलिलं तत्र शीतलं ह्यमृतोपमम्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
वहाँ पुण्योदका नाम की एक प्रसिद्ध नदी है, जो यमलोकवासियों के लिए है। वह अमृत के समान मधुर, शीतल और अक्षय जल से भरी हुई है।
 
There is a famous river named Punyaodaka, which is meant for the residents of Yamaloka. It is filled with sweet, cool and inexhaustible water like nectar.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)