के गुणा नीलषण्डस्य प्रमुक्तस्य तपोधना:॥ ७७॥
वर्षासु दीपदानेन तथैव च तिलोदकै:।
अनुवाद
‘हे तपस्वियों! नील गाय को छोड़ने, वर्षा ऋतु में दीपक जलाने और अमावस्या को तिल मिश्रित जल अर्पण करने से क्या लाभ होता है?’॥77 1/2॥
‘O ascetics! What are the benefits of releasing a blue bull, lighting lamps during the rainy season and offering water mixed with sesame seeds on the new moon day?'॥ 77 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥