Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.129.d6: पच्चीसवाँ तत्व जो चौबीस प्रकृति का साक्षी है, उसे पुरुष कहते हैं और जो समस्त प्राणियों का आत्मा है, उसे नर कहते हैं। | mahabharat अध्याय 13.129: नारदका पुण्डरीकको भगवान् नारायणकी आराधनाका उपदेश तथा उन्हें भगवद्धामकी प्राप्ति, सामगुणकी प्रशंसा, ब्राह्मणका राक्षसके सफेद और दुर्बल होनेका कारण बताना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
य: पर: प्रकृते: प्रोक्त: पुरुष: पञ्चविंशक:।
स एव सर्वभूतात्मा नर इत्यभिधीयते॥
अनुवाद
पच्चीसवाँ तत्व जो चौबीस प्रकृति का साक्षी है, उसे पुरुष कहते हैं और जो समस्त प्राणियों का आत्मा है, उसे नर कहते हैं।
The twenty-fifth element which is the witness of the twenty-four elemental nature is called Purusha and the one who is the soul of all the beings is called Nara.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥