Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.129.d23: राजेन्द्र! अतः तुम भी भगवान के भक्त बनो और उनकी शरण में जाओ तथा उनकी विधिपूर्वक पूजा करके उस परम पुरुष की पूजा में लगे रहो।   |   mahabharat अध्याय 13.129: नारदका पुण्डरीकको भगवान‍् नारायणकी आराधनाका उपदेश तथा उन्हें भगवद्धामकी प्राप्ति, सामगुणकी प्रशंसा, ब्राह्मणका राक्षसके सफेद और दुर्बल होनेका कारण बताना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 129: नारदका पुण्डरीकको भगवान‍् नारायणकी आराधनाका उपदेश तथा उन्हें भगवद्धामकी प्राप्ति, सामगुणकी प्रशंसा, ब्राह्मणका राक्षसके सफेद और दुर्बल होनेका कारण बताना  »  श्लोक d23
 
 
श्लोक  13.129.d23 
तस्मात् त्वमपि राजेन्द्र तद्भक्तस्तत्परायण:।
अर्चयित्वा यथायोगं भजस्व पुरुषोत्तमम्॥
 
 
अनुवाद
राजेन्द्र! अतः तुम भी भगवान के भक्त बनो और उनकी शरण में जाओ तथा उनकी विधिपूर्वक पूजा करके उस परम पुरुष की पूजा में लगे रहो।
 
Rajendra! Therefore you too should become a devotee of the Lord and surrender to Him and after worshipping Him appropriately, keep yourself engaged in the worship of that Supreme Being.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)