Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.129.9: ब्राह्मण ने कहा, 'राक्षस! तुम निश्चय ही अपने मित्रों से अलग होकर परदेश में अन्य लोगों के साथ रहकर परमप्रिय वस्तुओं का भोग कर रहे हो; इसीलिए चिंता के कारण दुबले-पतले और गोरे होते जा रहे हो। | mahabharat अध्याय 13.129: नारदका पुण्डरीकको भगवान् नारायणकी आराधनाका उपदेश तथा उन्हें भगवद्धामकी प्राप्ति, सामगुणकी प्रशंसा, ब्राह्मणका राक्षसके सफेद और दुर्बल होनेका कारण बताना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्राह्मण ने कहा, 'राक्षस! तुम निश्चय ही अपने मित्रों से अलग होकर परदेश में अन्य लोगों के साथ रहकर परमप्रिय वस्तुओं का भोग कर रहे हो; इसीलिए चिंता के कारण दुबले-पतले और गोरे होते जा रहे हो।
The Brahmin said, 'Demon! You are certainly separated from your friends and living in a foreign land with other people and enjoying the most precious things; that is why you are becoming thin and white due to worries.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥