Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.129.28: निश्चय ही संसार में भिन्न-भिन्न बुद्धि और भिन्न-भिन्न रुचियों वाले लोग हैं। तुम अपने गुणों से उन सबको वश में करना चाहते हो। इसीलिए तुम दुबले-पतले और पीले रंग के होते जा रहे हो। 28॥ | mahabharat अध्याय 13.129: नारदका पुण्डरीकको भगवान् नारायणकी आराधनाका उपदेश तथा उन्हें भगवद्धामकी प्राप्ति, सामगुणकी प्रशंसा, ब्राह्मणका राक्षसके सफेद और दुर्बल होनेका कारण बताना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
निश्चय ही संसार में भिन्न-भिन्न बुद्धि और भिन्न-भिन्न रुचियों वाले लोग हैं। तुम अपने गुणों से उन सबको वश में करना चाहते हो। इसीलिए तुम दुबले-पतले और पीले रंग के होते जा रहे हो। 28॥
Certainly, there are people in the world with different types of intelligence and different interests. You want to subdue them all with your qualities. That's why you are becoming thin and pale complexioned. 28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥