Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.129.22: यह भी हो सकता है कि आपकी पत्नी अत्यंत सुंदर हो और आप उसे बहुत पसंद करते हों, तथा आपके पड़ोस में कोई अत्यंत सुंदर, धनवान और कामी युवक रहता हो! इसी चिंता के कारण आप दुबले-पतले और पीले होते जा रहे हों ॥22॥ | mahabharat अध्याय 13.129: नारदका पुण्डरीकको भगवान् नारायणकी आराधनाका उपदेश तथा उन्हें भगवद्धामकी प्राप्ति, सामगुणकी प्रशंसा, ब्राह्मणका राक्षसके सफेद और दुर्बल होनेका कारण बताना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इष्टभार्यस्य ते नूनं प्रातिवेश्यो महाधन:।
युवा सुललित: कामी तेनासि हरिण: कृश:॥ २२॥
अनुवाद
यह भी हो सकता है कि आपकी पत्नी अत्यंत सुंदर हो और आप उसे बहुत पसंद करते हों, तथा आपके पड़ोस में कोई अत्यंत सुंदर, धनवान और कामी युवक रहता हो! इसी चिंता के कारण आप दुबले-पतले और पीले होते जा रहे हों ॥22॥
It is also possible that your wife is extremely beautiful and you like her a lot and that a very handsome, wealthy and lustful young man lives in your neighbourhood! Because of this worry you are becoming thin and pale. ॥22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥