Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.129.17: अवश्य ही कोई शत्रु मित्रवत् वचन कहकर आया, महात्माओं जैसा आचरण करने लगा और तुम्हें धोखा देकर चला गया; इसी कारण तुम दुर्बल और श्वेत होते जा रहे हो ॥17॥ | mahabharat अध्याय 13.129: नारदका पुण्डरीकको भगवान् नारायणकी आराधनाका उपदेश तथा उन्हें भगवद्धामकी प्राप्ति, सामगुणकी प्रशंसा, ब्राह्मणका राक्षसके सफेद और दुर्बल होनेका कारण बताना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अवश्य ही कोई शत्रु मित्रवत् वचन कहकर आया, महात्माओं जैसा आचरण करने लगा और तुम्हें धोखा देकर चला गया; इसी कारण तुम दुर्बल और श्वेत होते जा रहे हो ॥17॥
Surely some enemy came with friendly words, started behaving like a great man and went away after deceiving you; that is why you are becoming weak and white. ॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥