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mahabharat 13.128.7: सुमना के इस मधुर वाणी में पूछने पर शाण्डिली ने मनोहर मुस्कान के साथ उसे विनम्र शब्दों में इस प्रकार उत्तर दिया -॥7॥   |   mahabharat अध्याय 13.128: शाण्डिली और सुमनाका संवाद—पतिव्रता स्त्रियोंके कर्तव्यका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.128.7 
इति पृष्टा सुमनया मधुरं चारुहासिनी।
शाण्डिली निभृतं वाक्यं सुमनामिदमब्रवीत्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
सुमना के इस मधुर वाणी में पूछने पर शाण्डिली ने मनोहर मुस्कान के साथ उसे विनम्र शब्दों में इस प्रकार उत्तर दिया -॥7॥
 
When Sumana asked in this sweet voice, Shandili with a charming smile replied to him in polite words as follows -॥ 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)