श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 128: शाण्डिली और सुमनाका संवाद—पतिव्रता स्त्रियोंके कर्तव्यका वर्णन  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  13.128.20 
इमं धर्मपथं नारी पालयन्ती समाहिता।
अरुन्धतीव नारीणां स्वर्गलोके महीयते॥ २०॥
 
 
अनुवाद
जो स्त्री सावधान रहती है और धर्म के इस मार्ग पर चलती है, वह स्त्रियों में अरुंधती के समान आदरणीय होती है तथा स्वर्ग में भी उसका विशेष स्थान होता है।'
 
The woman who remains cautious and follows this path of righteousness is respected like Arundhati among women and has a special place in the heaven too.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)