Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.123.6: हे कीट! एक स्थान पर एक श्रेष्ठ ब्राह्मण रहते हैं। वे सदैव सूर्य और चन्द्रमा की पूजा करते हैं तथा लोगों को धार्मिक कथाएँ सुनाते हैं। तुम उनके पुत्र के रूप में जन्म लोगे। | mahabharat अध्याय 13.123: कीड़ेका क्रमश: क्षत्रिययोनिमें जन्म लेकर व्यासजीका दर्शन करना और व्यासजीका उसे ब्राह्मण होने तथा स्वर्गसुख और अक्षय सुखकी प्राप्ति होनेका वरदान देना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे कीट! एक स्थान पर एक श्रेष्ठ ब्राह्मण रहते हैं। वे सदैव सूर्य और चन्द्रमा की पूजा करते हैं तथा लोगों को धार्मिक कथाएँ सुनाते हैं। तुम उनके पुत्र के रूप में जन्म लोगे।
Insect! There lives a great Brahmin in a place. He always worships the Sun and the Moon and narrates holy stories to people. You will be born as his son (respectively).
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥