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mahabharat 13.120.54: नरेश्वर! विशेषतः शरद ऋतु और शुक्ल पक्ष में मद्य और मांस का पूर्णतः त्याग कर दो; क्योंकि ऐसा करने में ही धर्म है॥54॥   |   mahabharat अध्याय 13.120: मद्य और मांसके भक्षणमें महान् दोष, उनके त्यागकी महिमा एवं त्यागमें परम लाभका प्रतिपादन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.120.54 
कौमुदे तु विशेषेण शुक्लपक्षे नराधिप।
वर्जयेन्मधुमांसानि धर्मो ह्यत्र विधीयते॥ ५४॥
 
 
अनुवाद
नरेश्वर! विशेषतः शरद ऋतु और शुक्ल पक्ष में मद्य और मांस का पूर्णतः त्याग कर दो; क्योंकि ऐसा करने में ही धर्म है॥54॥
 
Nareshwar! Especially in autumn and Shukla Paksha, give up alcohol and meat completely; Because there is religion in doing so. 54॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)