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mahabharat 13.120.29: यदि मांस खाने वाला कोई न बचे, तो पशुओं को मारने वाला भी कोई न बचेगा; क्योंकि मारने वाला मनुष्य केवल मांस खाने वालों के लिए ही पशुओं को मारता है। 29.   |   mahabharat अध्याय 13.120: मद्य और मांसके भक्षणमें महान् दोष, उनके त्यागकी महिमा एवं त्यागमें परम लाभका प्रतिपादन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.120.29 
यदि चेत् खादको न स्यान्न तदा घातको भवेत्।
घातक: खादकार्थाय तद् घातयति वै नर:॥ २९॥
 
 
अनुवाद
यदि मांस खाने वाला कोई न बचे, तो पशुओं को मारने वाला भी कोई न बचेगा; क्योंकि मारने वाला मनुष्य केवल मांस खाने वालों के लिए ही पशुओं को मारता है। 29.
 
If there is no one left who eats meat, then there will be no one to kill animals either; because the killer man kills animals only for those who eat meat. 29.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)