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mahabharat 13.12.d8: ठंड और हवा के साथ भारी बारिश हो रही थी, तभी वाल्मीकि (बांस का पेड़) का शीर्ष बिजली की चपेट में आ गया और टुकड़े-टुकड़े हो गया।   |   mahabharat अध्याय 13.12: कृतघ्नकी गति और प्रायश्चित्तका वर्णन तथा स्त्री-पुरुषके संयोगमें स्त्रीको ही अधिक सुख होनेके सम्बन्धमें भंगास्वनका उपाख्यान   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 12: कृतघ्नकी गति और प्रायश्चित्तका वर्णन तथा स्त्री-पुरुषके संयोगमें स्त्रीको ही अधिक सुख होनेके सम्बन्धमें भंगास्वनका उपाख्यान  »  श्लोक d8
 
 
श्लोक  13.12.d8 
तस्मिन् पतति वर्षे तु शीतवातसमन्विते।
विशीर्णध्वस्तशिखरो वल्मीकोऽशनिताडित:॥
 
 
अनुवाद
ठंड और हवा के साथ भारी बारिश हो रही थी, तभी वाल्मीकि (बांस का पेड़) का शीर्ष बिजली की चपेट में आ गया और टुकड़े-टुकड़े हो गया।
 
It was raining heavily with cold and wind, when the top of the Valmiki (bamboo tree) got struck by lightning and broke into pieces.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)