Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.115.10: ऐसा करने से मनुष्य पूर्ण सौभाग्यशाली, शोभायमान और पूर्ण चन्द्रमा के समान ज्ञान को प्राप्त करने वाला हो जाता है ॥10॥ | mahabharat अध्याय 13.115: रूप-सौन्दर्य और लोकप्रियताकी प्राप्तिके लिये मार्गशीर्षमासमें चन्द्र-व्रत करनेका प्रतिपादन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ऐसा करने से मनुष्य पूर्ण सौभाग्यशाली, शोभायमान और पूर्ण चन्द्रमा के समान ज्ञान को प्राप्त करने वाला हो जाता है ॥10॥
By doing so, a man becomes completely fortunate, attractive and a recipient of knowledge, like the full moon. ॥10॥
इति श्रीमहाभारते अनुशासनपर्वणि दानधर्मपर्वणि दशाधिकशततमोऽध्याय:॥ ११०॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत अनुशासनपर्वके अन्तर्गत दानधर्मपर्वमें एक सौ दसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ११०॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥