Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.112.13-14: जो मनुष्य प्रतिदिन अग्नि में होम करता है और एक वर्ष तक प्रति दूसरे दिन एक बार भोजन करता है तथा प्रतिदिन प्रातःकाल उठकर अग्नि की पूजा में तत्पर रहता है, उसे अग्निष्टोम यज्ञ का फल प्राप्त होता है। | mahabharat अध्याय 13.112: दरिद्रोंके लिये यज्ञतुल्य फल देनेवाले उपवास-व्रत और उसके फलका विस्तारपूर्वक वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो मनुष्य प्रतिदिन अग्नि में होम करता है और एक वर्ष तक प्रति दूसरे दिन एक बार भोजन करता है तथा प्रतिदिन प्रातःकाल उठकर अग्नि की पूजा में तत्पर रहता है, उसे अग्निष्टोम यज्ञ का फल प्राप्त होता है।
The person who daily performs 'homa' in the fire and eats food once every second day for a year and wakes up early in the morning every day, being ready to worship the fire, gets the fruits of Agnishtom Yagya.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥