Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.111.33: जो मनुष्य बारह वर्षों तक प्रति मास अनेक त्रिरात्रि व्रत करता है, वह भगवान शिव के गणों का निर्विघ्न एवं शुद्ध अधिकार प्राप्त करता है ॥33॥   |   mahabharat अध्याय 13.111: मास, पक्ष एवं तिथिसम्बन्धी विभिन्न व्रतोपवासके फलका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 111: मास, पक्ष एवं तिथिसम्बन्धी विभिन्न व्रतोपवासके फलका वर्णन  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  13.111.33 
मासि मासि त्रिरात्राणि कृत्वा वर्षाणि द्वादश।
गणाधिपत्यं प्राप्नोति नि:सपत्नमनाविलम्॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
जो मनुष्य बारह वर्षों तक प्रति मास अनेक त्रिरात्रि व्रत करता है, वह भगवान शिव के गणों का निर्विघ्न एवं शुद्ध अधिकार प्राप्त करता है ॥33॥
 
One who observes several Triratri fasts every month for twelve years, attains the uninterrupted and pure possession of the Ganas of Lord Shiva. 33॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)