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mahabharat 13.11.4: महर्षि भृगु की पुत्री और त्रिलोकीनाथ भगवान नारायण की प्रियतमा! हे देवी! इस लोक में आप किन-किन प्राणियों पर कृपा करती हैं और उनके साथ रहती हैं? आप कहाँ रहती हैं और क्या खाती हैं? मुझे विस्तारपूर्वक बताइए।   |   mahabharat अध्याय 13.11: लक्ष्मीके निवास करने और न करने योग्य पुरुष, स्त्री और स्थानोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 11: लक्ष्मीके निवास करने और न करने योग्य पुरुष, स्त्री और स्थानोंका वर्णन  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  13.11.4 
कानीह भूतान्युपसेवसे त्वं
संतिष्ठसे कानिव सेवसे त्वम्।
तानि त्रिलोकेश्वरभूतकान्ते
तत्त्वेन मे ब्रूहि महर्षिकन्ये॥ ४॥
 
 
अनुवाद
महर्षि भृगु की पुत्री और त्रिलोकीनाथ भगवान नारायण की प्रियतमा! हे देवी! इस लोक में आप किन-किन प्राणियों पर कृपा करती हैं और उनके साथ रहती हैं? आप कहाँ रहती हैं और क्या खाती हैं? मुझे विस्तारपूर्वक बताइए।
 
Daughter of Maharishi Bhrigu and beloved of Trilokinath Lord Narayana! Goddess! Which creatures in this world do you show kindness to and live with them? Where do you live and what do you consume? Tell me all of them in detail. 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)